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भुखमरी से बचने को 1000, इलाज के लिए 2000 तथा अंत्येष्टि के लिये 5000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी सरकार

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Ghazipur today UP  भुखमरी से बचने को 1000, इलाज के लिए 2000  तथा अंत्येष्टि के लिये 5000 रुपये की आर्थिक सहायता देगी सरकार Ghazipur today News: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड संक्रमण से मृत्यु होने की दशा में अंतिम संस्कार के लिए तत्काल सहायता धनराशि 5000 रुपये दी जाएगी. शर्त है कि यदि परिवार के लोग अंतिम संस्कार में सहयोग नहीं कर पाने की स्थिति में होंगे तो ग्राम पंचायत इस धनराशि से शव का दाह संस्कार करेगी।  वही शासनादेश में यह भी कहा गया कि गरीब परिवारों को भुखमरी से बचाने के लिए ₹1000 तथा एक बारी इलाज के लिए ₹2000 क्या आप भी व्यवस्था किया गया है। जो की ग्राम पंचायतों द्वारा राज्य वित्त आयोग एवं पांचवें वित्त आयोग द्वारा निर्वहन किया जाएगा। जो की पूरी तरह से ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव के हाथों में है। Ghazipur today news  LAST UPDATED:  MAY 31, 2021, 1:10 PM IST गाजीपुर.  कोरोना (COVID-19) से बचाव और संक्रमित लोगों के इलाज के लिए हर जतन करने में जुटी योगी सरकार (Yogi Government) संकट की इस घड़ी में मदद की पहल कर रही है. सरकार की प्राथमि...

प्रधानी हारने पर शख्स ने उठाया अजीब कदम, जिसे सुन आप अपनी हंसी और गुस्सा दोनों नहीं रह पाएंगे।

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प्रधानी हारने पर शख्स ने उठाया अजीब कदम, चुनाव नतीजों के बाद जेसीबी से उखाड़ फेंकी गांव की सड़क कृपया पेज को फॉलो और लाइक जरूर कीजिएगा। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इस बार के पंचायत चुनाव कई मायनों में खास रहे. कई ऐसे उम्मीदवारों ने इन चुनावों में बाजी मारी जिनकी कोई कल्पना ही नहीं कर रहा था, तो वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्हें अपनी जीत की पूरी उम्मीद थी लेकिन नजीतों आने के बाद वो बस उम्मीद ही थामें रह गए. कई ऐसे लोग भी है जो चुनाव हारने के बाद जनता पर अपनी खीझ निकाल रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बाराबंकी से सामने आया जहां एक शख्स ने ग्राम प्रधान का चुनाव (Gram Pradhan Chunav) हारने के बाद गांव की सड़क ही उखाड़ डाली। जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला बारंबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरैया गांव का है. यहां पंचायत चुनाव में हार मिलने के बाद पूर्व प्रधान में जेसीबी मंगाई और अपने कार्यकाल में बनवाई सड़क को उखाड़ डाला. चुनाव हारने के बाद इस तरह से अपनी खीझ निकालने का यह अनोखा मामला सामने आया है.पूर्व प्रधान की इस हरकत पर ग्रा...

कौन थे राजीव दीक्षित? उनकी हत्या हुई थी या स्वाभाविक मौत?

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Ghazipur today रामदेव के साथ काम करने वाले राजीव दीक्षित की कहानी, जिनकी मौत को लोग रहस्यमय मानते है. राजीव दीक्षित जिनका 29 नवंबर, 2010 को भिलाई के बीएसआर अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था. जिसके बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम किए ही उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह नगर भेज दिया. दीक्षित के परिवार वाले भी उनकी मृत्यु के कारणों पर संदेह व्यक्त करते रहे. इसको लेकर परिवार ने पीएम ऑफिस से भी संपर्क किया.  अब ताज़ा खबर ये कि जवाब में जल्द ही पीएमओ मामले की जांच के लिए दुर्ग पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजने वाला है.  एक शख्स, जो अगर जिंदा रहता, तो अब तक भारत में स्वदेशी और आयुर्वेद का शायद सबसे बड़ा ब्रांड बन चुका होता. बाबा रामदेव से भी बड़ा. कहा जाता है कि इस शख्स को रामदेव प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखते थे. ये शख्स, जिसके राष्ट्रवाद की कल्पना ‘स्वदेशी और अखंड भारत’ के इर्द-गिर्द बुनी गई थी. ये भारत की पूरी व्यवस्था को बदल डालने का हिमायती था. जवाहरलाल नेहरू को देश के सबसे बड़े दुश्मन की तरह देखने वाला ये शख्स अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, अटल बिहारी वाजपेयी और ममता बनर्ज...