प्रधानी हारने पर शख्स ने उठाया अजीब कदम, जिसे सुन आप अपनी हंसी और गुस्सा दोनों नहीं रह पाएंगे।


प्रधानी हारने पर शख्स ने उठाया अजीब कदम, चुनाव नतीजों के बाद जेसीबी से उखाड़ फेंकी गांव की सड़क
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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इस बार के पंचायत चुनाव कई मायनों में खास रहे. कई ऐसे उम्मीदवारों ने इन चुनावों में बाजी मारी जिनकी कोई कल्पना ही नहीं कर रहा था, तो वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्हें अपनी जीत की पूरी उम्मीद थी लेकिन नजीतों आने के बाद वो बस उम्मीद ही थामें रह गए. कई ऐसे लोग भी है जो चुनाव हारने के बाद जनता पर अपनी खीझ निकाल रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बाराबंकी से सामने आया जहां एक शख्स ने ग्राम प्रधान का चुनाव (Gram Pradhan Chunav) हारने के बाद गांव की सड़क ही उखाड़ डाली।
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला बारंबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरैया गांव का है. यहां पंचायत चुनाव में हार मिलने के बाद पूर्व प्रधान में जेसीबी मंगाई और अपने कार्यकाल में बनवाई सड़क को उखाड़ डाला. चुनाव हारने के बाद इस तरह से अपनी खीझ निकालने का यह अनोखा मामला सामने आया है.पूर्व प्रधान की इस हरकत पर ग्रामीणों को भी काफी गुस्सा आया और उन्होंने इसकी शिकायत जिले के आलाधिकारियों से कर दी।

इस मामले पर और जानकारी देते हुए गांव के ही एक दूसरे पूर्व प्रधान कृपाशंकर ने कहा कि चुनाव नतीजों में वोटों के हिसाब से दीपक कुमार तीसरे नंबर पर था. उसे उम्मीद नहीं थी कि उसकी इतनी करारी हार होगी. इतने कम वोट मिलने के बाद उसने अपने 50 गुंडे समर्थकों के साथ मिलकर गांव की सड़क को उखाड़ फेंका.जब अधिकारियों से इस मसले पर बात की तो उन्होंने चुनाव में व्यस्तता और कोविड का बहाना देकर कहा कि अभी उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं लेकिन इसके साथ ही तहसील के अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर कोई शिकायत मिलती है तो इसकी पूरी जांच की जाएगी।
बताया जा रहा है कि पूर्व प्रधान दीपक कुमार इस बार भी ग्राम प्रधान के पद के लिए चुनाव मैदान पर उतरा था लेकिन इस बार उसे जनता ने नकार दिया. चुनाव नतीजों के अनुसार पूर्व प्रधान दीपक कुमार तिवारी को सिर्फ हार ही नहीं मिली बल्कि वह नतीजों पर तीसरे नंबर पर रहा. इससे नाराज पूर्व प्रधान ने अपने समर्थकों और साथियों के साथ मिलकर जेसीबी से गांव की जमीन खोद डाली।




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